किसान और व्यापारी भाइयों जैसा कि हमने आपको बताया था कि आगे चलकर सोयाबीन के बाजार में गिरावट आने की संभावना है, वैसा ही देखने को मिला है। इस सप्ताह की शुरुआत में हल्के सुधार के बाद सोयाबीन की कीमतों ने एक बार फिर यू-टर्न ले लिया और गिरावट का रुख शुरू हो गया, जिससे इस हफ्ते ऊपरी स्तरों से सोयाबीन की कीमतें करीब ₹100 से ₹200 प्रति क्विंटल तक नीचे आ गई हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस गिरावट की मुख्य वजह सरकारी बिकवाली का दबाव और तेल व खल की कीमतों में आई कमजोरी है। महाराष्ट्र के कीर्ति प्लांट पर सोयाबीन का भाव 100 रुपये गिरकर 5560 पर आ चुका है, वहीं धुलिया के डीसान कंडीशन भाव 140 रुपये टूटकर शनिवार को 5410 पर बंद हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर महाराष्ट्र के कीर्ति प्लांट पर सोयाबीन का भाव 5500 के स्तर से नीचे फिसलता है, तो कीमतों में गिरावट का रुख और बढ़ सकता है। सरकारी सोयाबीन की कीमतों की बात करें तो सरकार 5000 से 5100 के बीच की कीमतों पर सोयाबीन की नीलामी कर रही है। अभी यह नीलामी मध्य प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में की जा रही है। सरकारी सोयाबीन की नीलामी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिससे बाजार पर दबाव बनता साफ़ नजर आ रहा है और आगे भी यह दबाव बना रह सकता है।
बाजार में इस समय सोया डीओसी (DOC) की मांग बहुत ही ठंडी पड़ी है, जिसके कारण इसके दाम ₹1000 तक गिरकर हिप्रो के लिए ₹48,000 और नॉर्मल के लिए ₹43,000 प्रति टन पर आ गए हैं। साथ ही, खाद्य तेल बाजार में लगातार बनी हुई मंदी का सीधा बुरा असर सोयाबीन की कीमतों पर दिख रहा है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (SEA) के आंकड़े बताते हैं कि सोयाबीन मील का निर्यात भी पिछले साल के मुकाबले भारी गिरावट के साथ 2,86,287 टन से घटकर केवल 1,32,440 टन रह गया है। इंदौर, नागपुर और लातूर जैसे प्रमुख क्षेत्रों के प्लांटों से पहले ही खाद्य तेल का काफी व्यापार हो चुका है, जिससे अब वहां मांग सुस्त पड़ गई है और कच्चे व तैयार, दोनों तरह के माल की बिक्री में भारी कमी देखी जा रही है, जिससे सोया तेल की कीमतों में भी गिरावट जारी है।
कुल मिलाकर सोयाबीन बाजार में इस समय नरमी का माहौल बना हुआ है क्योंकि एनसीसीएफ (NCCF) ने सोयाबीन की नीलामी शुरू कर दी है, जिसके बिकवाली भाव मौजूदा मंडी और प्लांट डिलीवरी रेट से काफी कम हैं। ऊपर से बाजार में यह चर्चा भी चल रही है कि अगले महीने होली के बाद से नेफेड (NAFED) भी सरकारी सोयाबीन की नीलामी शुरू कर सकती है। इस वजह से सोयाबीन की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है और साथ ही सोया तेल व सोयामील के दाम भी कमजोर पड़ रहे हैं, क्योंकि मांग सुस्त होने के कारण ऊंचे भाव पर कोई खरीदार (लेवाल) तैयार नहीं है। स्थिति को देखते हुए हमने आपको पहले ही बढ़ती कीमतों पर अपना पूरा स्टॉक खाली करने की सलाह दे दी थी। अब बाजार जब निचले स्तरों पर जाकर स्थिर होगा और वहां से रिकवरी के संकेत मिलेंगे, तब सही समय आने पर आपको दोबारा नई खरीदारी करने की सलाह दी जाएगी तब तक बाजार में गिरावट के थमने का इंतजार करें। बाकि व्यापार अपने विवेक से करे बाकि व्यापार अपने विवेक से करे और सभी फैसलों के रोजाना के भाव और आगे की तेजी और मंदी का अनुमान पाने के लिए ले हमारी सर्विस केवल 600 रूपये में 6 महीने तक और 1000 रूपये में एक साल तक। सर्विस लेने के लिए 9518288171 सम्पर्क करे